दाऊद जिंदगी की दौड़ में चला चल राही हर मोड़ पे तू अर्जुन है इस दौड़ का तेरी नज़र उस रेखा पर बेध दे पायरों की तीर से तू बना है इस शन्न के लिए न जुख, न मुड़, किसी हाल पे कांटे और पत्थर कई राह में दर्द और ज़ख्म हर अंग से पर तेरी नज़र सिर्फ मंजिल की आंख पे तेरे कई दुश्मन हज़ार कभी अंदर कहीं बहार मुसाफिर सुन अपने मन की बात पथ की राह पर दत्ता रह सारथी है हमेशा तेरे साथ तेरी मंजिल पास, स्थिर रखना सास बड़ा कदम और रच दे इतिहास लिख दे अपना जीत की कहानी बन जा सबकी प्रेरणा की बानी तू है आखिरी पड़ाव पे जीत है तेरी मुट्ठी में आशाएं और परिश्रम समेट चला चल राही लक्ष्य की और इस जिंदगी की दौड़ में daood jindagee kee daud mein chala chal raahee har mod pe too arjun hai is daud ka teree nazar us rekha par bedh de paayaron kee teer se too bana hai is shann ke lie na jukh, na mud, kisee haal pe kaante aur patthar kaee raah mein dard aur zakhm har ang se par teree nazar sirph manjil kee aankh pe tere kaee dushman hazaar kabhee andar kaheen bahaar musaaphir sun apane man kee baat path kee raah p...